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वैशाली जिला संवाददाता कौशल किशोर सिंह की रिपोर्ट।

 

पाठशाला से बेहतर कोई फुलवारी नही(धनमंतीदेवी )

हाजीपुर/ गोरौलः  जानते हैं कि बच्चे भगवान के रुप होते हैं।उनमें साम्प्रदायिक,ऊंच-नीच,छुआछूत आदि का किञ्चित मात्र भी लेश नही होता।वही बच्चे जब बड़े होते हैं तो उनमें जात-पात,छुआछूत और साम्प्रदायिकता का जहर घोला जाता है जिसके चलते वह धर्मविशेष का होकर एक-दूसरे के खून के प्यासे हो जाते हैं।और, उनसे यह उम्मीद कर बैठते हैं कि वह समाज और राष्ट्र की मुख्य धारा से जुड़े तबतक देर हो जाती है।ऐसे में हमें उन बच्चों को बचपन संवारने की जरुरत है।उन बच्चों में वैसी विनाशकारी विचारधाराएं न पनपे इसके लिए हमें बाल क्यारियों को बेहतर तरीके से सींचना होगा।इसके लिए पाठशाला से बेहतर कोई फुलवारी नही है।शायद इसी फुलवारी के बच्चों को देश का भविष्य बताकर उन्हे हर संभव एक अच्छे, इमानदार, समर्पित समाज और राष्ट्रभक्त बनाने का भरसक प्रयास किया जाता है।बच्चों को इस लायक बनाने में उनके साथ किए जाने वाले व्यवहार, उनके रहन-सहन,उनके पोशाक आदि का बहुत बड़ा योगदान होता है।शायद इसी परिकल्पनाओ के तहत सरकार ने विद्यालयी बच्चों के लिए ड्रेस कोड लागू किया है जो बच्चों में समरसता व एकरूपता के भाव भरने में सहायक है।इसे अमली जामा पहनाने में इन दिनों गोरौल बीआरसी बड़ा संवेदनशील दिख रहा है जो वास्तव में प्रशंसनीय है।विद्यालय के सभी बच्चे एक ड्रेस में हों, इसके लिए बीआरपी धर्मेन्द्र कुमार ने प्रखंड में एक अभियान जोत दिया है जिसका सकारात्मक परिणाम भी दिखने लगा है।बताते चलें कि बीआरपी श्री कुमार ने अपने अभियान में जनप्रतिनिधियों, शिक्षा प्रेमियों को जोड़कर इसे अंतिम रूप दिए जाने का सफल प्रयास किया है।इसे लेकर पिछले दिनों से ही पहल जारी है।बीआरपी श्री कुमार ने पेंसिल बैंक बनाकर लोगों से अनुरोध किया है कि वे भी ड्रेस में विद्यालय आने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने हेतु चलाए जा रहे अभियान में शामिल हों क्योंकि वे बच्चे उन्ही के और उन्ही के गांव-जवार के हैं।इस अभियान में पूर्व जिला पार्षद धनमंती देवी भी अब जुड़ गई है।उन्होंने प्रखंड के सभी विद्यालयों में जाकर वैसे बच्चों के बीच पेंसिल बांट रही है जो नियमित ड्रेस में विद्यालय आ रहें हैं।बीआरसी गोरौल के इस अभियान की सर्वत्र सराहना हो रही है।प्रखंड में चाची के रुप में मशहूर पूर्व जिला पार्षद धनमंती देवी ने आज गोरौल चकव्यास स्थित मध्य विद्यालय पहुँचकर लगभग ढाई सौ बच्चों के बीच पेंसिल बांटा और ड्रेस में आने वाले बच्चे और नही आने वाले बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे सभी ड्रेस कोड में आएं, मन लगाकर पढें और विद्यालय का नाम रोशन करे।इस अवसर पर पूर्व पार्षद को विद्यालय के बच्चों के द्वारा मुकुट पहनाकर सम्मानित किया गया था।आज की चंदा और आज के सूरज के रुप मे विद्यालय के दो बच्चों क्रमशः स्वीटी कुमार व समीर आनंद को सम्मानित किया गया।मौके पर प्रखंड साधनसेवी धर्मेन्द्र कुमार के साथ प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रणव कुमार, राजेश रंजन, रंजू कुमारी, नीलु कुमारी, दीप्ति कुमारी, सारिका सिंह, प्रियंका कुमारी, रोजी परवीन, मुख्य साक्षरता साधन सेवी इंद्रेश कुमार, बीआरसी से ललन कुमार आदि मौजूद थे।