प्रवासी पक्षियों को बेचने जा रहे शिकारियों को पंकज चौधरी ने पकड़ा लेकिन वन विभाग के कर्मचारी ने क्या किया, पढ़े ये ख़बर

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(जंदाहा) .प्रवासी पक्षियों को बेचने जा रहे छह मेहमान पक्षियों के साथ दो शिकारियों को बिहार राज्य आद्रभूमि प्राधिकरण के पूर्व सदस्य और स्पेयर हेड
पर्यावरणविद् पंकज कुमार चौधरी ने पकड़ा.
महुआ की ओर अपने सफारी गाड़ी से जाने के दौरान बिंदी चौक से से आगे और सौतिनियां इंडा के पहले ग्रामीण सड़क से सायकिल से गुजरते हुए दो शिकारियों को बिझरौली पंचायत स्थित मुस्लिम मुहल्ले में सुबह आठ बजे पकड़ा गया.
श्री चौधरी द्वारा उसी समय गंगा प्रहरियों सहित वन प्रमंडल पदाधिकारी, वैशाली एम. जे. अली को दिया. साथ ही आग्रह किया कि यथाशीघ्र वनकर्मियों को लोमा पंचायत स्थित तथागत महावीर बरैला झील जीव रक्षा सह शोध संस्थान एवं वैशाली गंगा प्रहरियों के कटहल वाणी आश्रम कार्यालय में भेजें साथ ही दोनों शिकारियों को कड़ा से कड़ा दंड हेतु अग्रतर और समुचित कार्रवाई किया जाए .
वन प्रमंडल पदाधिकारी द्वारा दूरभाष पर कहा गया कि महुआ अनुमंडल स्थित कार्यालय से वन कर्मियों को शीघ्र भेज रहा हूं , मगर पांच घंटे बीत जाने के बावजूद भी वन कर्मी नहीं पहुंचे.
दोनों शिकारियों के साथ वैशाली गंगा प्रहरियों के अभिरक्षा में संस्थान कार्यालय स्थित गिरफ्त में दोनों शिकारी हैं.गंगप्रहरियो प्रहरियों में कुमोद कुमार चौधरी,बब्बन कुमार, सुमन चौधरी, नितेश चौधरी, श्रृषिकेश कुमार, सुशील कुमार के अलावा ग्रामीण और संस्था सहयोगी निवासी बिझरौली सुंदेश्वर चौधरी, नन्हे कुमार, प्रशांत कुमार एवं बेदौलिया निवासी महेश चौधरी, लोमा निवासी अजित चौधरी, अंकेश कुमार, गुंजन चौधरी आदि ग्रामीणों भी अभिरक्षा में मौजूद थे.
इसी बीच दुलौर निवासी कार्यकारी जन्दाहा ब्लाक प्रमुख ओमप्रकाश सहनी के साथ अखलेश शर्मा एवं कुंदन साह के साथ लोमा गांव स्थित कटहल वाणी आश्रम कार्यालय पहुंचे जहां दोनों शिकारी वैशाली गंगा प्रहरियों के अभिरक्षा में बैठे हुए थे उसे छोड़ने का बार-बार आग्रह करने के दौरान हम लोगों ने कहा कि वन विभाग के आने के बाद ही निर्णय होगा. इस दौरान आए हुए जनप्रतिनिधियों द्वारा आपत्तिजनक और धमकी भरे लहजे में वैशाली गंगा प्रहरियों बबब्न चौधरी , कुमोद कुमार आदि गंगा प्रहरियों से उलझ गए . श्री चौधरी दौड़ कर आये और स्थिति को पूरे संयम के साथ संभाला. लेकिन प्रमुख ओम प्रकाश साहनी द्वारा फोन पर अपने हजारों ग्राम वासियों को आने और सब को उठा ले जाने का बेबोल बोली बोलने लगे, मैंने संयम ढंग से उनलोगों को किसी तरह समझा कर शांत किया. साथ ही उन लोगों से अपील किया की हम लोग पक्षियों के रक्षा में पर्यावरणहित में विषय के साथ हैं और आप लोग बेविषय बोलकर शांति और समाजिक सद्भाव बिगाड़ने के साथ ही कानून के दायरे का आप सभी उल्लंघन कर रहे हैं और कानून से बड़ा कोई नहीं है. वन क्षेत्र पदाधिकारी हाजीपुर एवं दर्जनों वन कर्मियों के पहुंचते ही हो हो हल्ला और मचे भगदड़ का लाभ उठाकर असामाजिक तत्वों द्वारा शिकारियों को भगा दिया गया .
तत्पश्चात सात बरामद प्रवासी पक्षियों में एक जो मृत हो चुका था सात जिंदा मगर घायल पंख और टूटा पैर अवस्था में पक्षियों का पंचनामा और हमलोग गंगा प्रहरियों के हस्ताक्षर गवाही के साथ वन विभाग की टीम इस शिकारियों के जानकारी हो चुके नाम के साथ ही भगदड़ कराने वाले इन असामाजिक तत्वों पर f.i.r. किया जाए ताकि वैशाली गंगा प्रहरियों को अपने गांव सहित झील बरैला में आने पर जान मार देने की धमकी और ना जाने क्या-क्या धमकी दी गई.
1,दोनों शिकारी
2,वन क्षेत्र पदाधिकारी
3, प्रवासी पक्षी
4, पंचनामा बनाते पदाधिकारी एवं गंगा प्रहरीप्रवासी पक्षियों की बेचने जा रहे शिकारियों को पंकज चौधरी ने पकड़ा, लेकिन वन विभाग को सुचना देने पर भी नही पहुंचा