भारी बारिश ने लोगों की बढ़ाई परेशानी,

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वैशाली जिले में बीते मंगलवार की देर रात्री से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने लोगो की मुश्किलें और बढ़ा दी है. हालांकि मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश का अलर्ट जारी करने के बाद लोग एहतियात के तौर पर सावधानी जरूर बरत रहे है. लगातार हो रही मुसलाधार बारिश के कारण कई जगहों पर फिर से बाढ़ की संभावना प्रवल हो गई हैं.
बुधवार को सुबह से भीषण गर्मी के बाद देर रात्री पहर से हो रही लगातार झमाझम बारिश से लोगो को गर्मी से राहत जरूर मिली, परंतु बृहस्पतिवार के अहले सुबह से लगातार हो रही झमाझम बारिश के कारण पिरोई, विशूनपुर बांदे, मधुरापुर, पीरापुर, बभनटोली, सोंन्धों मुबारकपुर, झिटकाही, रुकमंजरी, गांव में लोगो के घरों तक पानी घुसने से परेशानियां बढ़ गई है. जगह जगह जल जमाव को लेकर जहां लोगो की परेशानी और बढ़ गई है. बीते बुधवार की देर रात से हो रही लगातार बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लगातार बारिश होने के कारण सड़क, खेत-खलिहान उपट कर लोगों के घरों में पानी जमा हो गया है. लगातार अत्यधिक बारिश व जलजमाव होने के कारण लोगों को अपने घरो से निकलना भी मुश्किल हो गया हैं. वही जर्जर सड़कों पर गड्ढ़े नुमा जगहों पर जलजमाव होकर पोखड़नुमा तलाब को लेकर लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. दूसरी ओर धान के फसल लगाए किसानों को फसल डूबने के चिंता सताने लगा है.

बताते चले कि गोरौल प्रखंड के लगभग अस्सी फीसदी भूमि चंवर क्षेत्र में आता है. पूर्व से हो रही बारिश के कारण अधिकतर चंवर क्षेत्रों में जलजमाव के कारण किसान धान की फसल नही लगा पाए है. कुछ क्षेत्रों में धान की फसल लगाई भी गई है. जो कि बारिश होने के कारण फसल डूबने लगी है. गोरौल प्रखंड के विशुनपुर बांदे, पीरापुर बभनटोली, मधुरापुर, मरिजावाद, पिरोई, झिटकाही, इसमाईलपुर आदि गांव में निचला क्षेत्र होने के कारण जगह जगह जल जमाव के कारण लोगो को परेशानी उत्पन्न हो गई है. मधुरापुर गांव में बारिश के कारण जलजमाव से निजात के लिए लोगो का एक मात्र सहारा पम्पिंग सेट मशीन से जल निकासी करना ही है. जलजमाव के कारण उक्त गांव में लोगो की जिंदगी नारकीय बन गई है. लगातार मुसलाधार बारिश के कारण सबसे बड़ी समस्या पशुपालकों एवं हाट बाजार जाने बाले लोगों को काफी परेशानी हो गई है. पशु के लिए हरा चारा जुटाना किसानों के लिए चुनौती बन कर खड़ी हो गई है. चंवर चाचर वाले इलाके के एक बड़े भूभाग पर जलजमाव के कारण न तो खेती हो रही है और नही पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था. जिससे किसानों व पशुपालकों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है.