पातेपुर में नून नदी ने धारण किया रौद्र रूप, अधिकांश क्षेत्रो में बाढ़ की समस्या गंभीर.

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जिला संवाददाता कौशल किशोर सिंह के साथ पातेपुर से गोपाल कुमार की रिपोर्ट.

वैशाली जिले के पातेपुर प्रखंड क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश ने लोगो की मुश्किलें और बढ़ा दी है. पहले से नून नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण फैले पानी से लोगो का जीना दुस्वार हो गया है वही लोग ऊंचे स्थान की ओर पलायन करना प्रारंभ कर चुके है. कई गांव की स्थिति तो ऐसी हो गई है कि जैसे पूरा गांव ही झील में तब्दील हो गया है.लोगो के घरों में ढाई से तीन फुट तक पानी घुस गया है.जिससे लोगो के सामने ठिकाने की समस्या के साथ साथ भोजन के भी लाले पड़ने लगे है.लोगो ने सरकार से तत्काल पातेपुर प्रखंड क्षेत्र को बाढ़ प्रभावित घोषित करते हुए राहत कार्य चलाये जाने की मांग की है.

नून नदी के जलस्तर बढ़ने एवं नदी का पानी फैलने से पातेपुर प्रखंड क्षेत्र के लगभग दो दर्जन से अधिक पंचायते पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गई है. बाढ़ का पानी फैलने के कारण रूपनपट्टी, बलिगांव, सुक्की, चकदोहरी,मुसापुर,मरुई, बकाढ,राघोपुर नरसंडा, चांदपुरा, लदहो, लेवढन, भरथीपुर, मालपुर आदि पंचायतें पूरी तरह से बाढ़ के चपेट में आ चुकी है. कई पंचायतो में बाढ़ ने जहां कहर बरपाना शुरू कर दिया है वही कई ऐसे पंचायत है जहां लगातार बढ़ रहे जलस्तर से लोग रतजगा करने को विवश हो चुके है. मरुई पंचायत के निवर्तमान मुखिया राजकुमार महतो ने पातेपुर बीडीओ तथा सीओ को लिखित रूप से आवेदन देते हुए बताया कि मरुई पंचायत पूर्ण रूप से बाढ़ के आगोश में आ चुका है.जान बचाने के लिए लोग घर छोड़कर सड़क के किनारे शरण ले रखा है. कुछ गांव के लोग ऊंचे स्थानों पर तंबू बनाकर रह रहे है. वही पानी भर जाने के कारण कई घर पानी मे धराशायी हो गए है. उन्होंने पातेपुर बीडीओ मनोज कुमार राय तथा सीओ मुन्ना प्रसाद से तत्काल लोगो को पन्नी तथा खाद्यान्न के साथ साथ पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कराने की अपील की है. गुरुवार को पातेपुर प्रखंड समेत पूरे जिले में हुई मूसलाधार बारिश ने लोगो की मुश्किलें और कई गुना अधिक बढ़ा दी है.

पातेपुर प्रखंड क्षेत्र का साठ फीसदी भूमि पूर्व से ही पूरी तरह जलमग्न होने के साथ ही उपरी इलाको में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. जिससे लोगो की चिंता कई गुना ज्यादा बढ़ गया है. बाढ़ से प्रभावित कई ऐसे क्षेत्र व गांव है जहां से लोगो को बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है.जिसके लिए लोगो ने तत्काल प्रशासनिक पदाधिकारियों से नाव की व्यवस्था कराने की मांग की है. वही बाढ़ के कारण बेघर हुए लोगो को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने तथा खुले आसमान के नीचे आये लोगो को प्रखंड कार्यालय द्वारा सरकारी स्तर पर तिरपाल आदि की व्यवस्था कराने की मांग ग्रामीणों ने की है.