आई टैग ने मुजफ्फरपुर के लीची और सुजनी कढ़ाई को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाया – कर्नल जलेश्वर कहार, चीफ पोस्ट मास्टर जनरल बिहार सर्किल पटना l

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आज दिनांक 25-08- 2021 को नॉर्थ बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स के सभागार में भारतीय डाक विभाग मुजफ्फरपुर प्रमंडल की ओर से शाही लीची एवं सुजनी कढ़ाई पर विशेष आवरण का विमोचन बिहार के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कर्नल जलेश्वर कहार, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर के निदेशक, श्री एसडी पांडे, निदेशक डाक सेवाएं उत्तरी क्षेत्र, मुजफ्फरपुर श्री शंकर प्रसाद, वरीय पुलिस अधीक्षक, श्री जयंत कांत द्वारा संयुक्त रूप से किया गया l कार्यक्रम का उद्घाटन अतिथियों ने दीप प्रज्वलन के साथ किया तत्पश्चात मुजफ्फरपुर की शाही लीची एवं सुजनी कढ़ाई पर विशेष आवरण का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया l मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य डाक महा अध्यक्ष कर्नल जलेश्वर कहार ने कहा कि शाही लीची एवं सुजनी कढ़ाई ने मुजफ्फरपुर को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है, जो जी आई टैग लगने के बाद इसकी महत्ता और बढ़ जाती है l उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में मुजफ्फरपुर की लीची प्रसिद्ध है तथा इसे लीची शहर के रूप में जाना जाता है इसी कड़ी में डाक विभाग ने इस पहचान को आगे बढ़ाते हुए शाही लीची एवं सुजनी कढ़ाई पर विशेष आवरण के माध्यम से इसको और व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया है l उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर डाक प्रमंडल अपने उत्कृष्ट सेवाओं के माध्यम से पूरे भारत में एक विशिष्ट पहचान बनाया है, जो यह दर्शाता है कि यहां के डाक पदाधिकारी एवं कर्मचारी लग्न एवं ईमानदारी से कार्यों का निष्पादन करते हैंl

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लीची अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर के निदेशक श्री एचडी पांडे ने कहा कि
लीची का इतिहास काफी पुराना है और 17 मी सदी में लीची चाइना से भारत में आया उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर के मोरखंडी गांव में लीची का पेड़ आज भी 200 वर्ष पुराना मौजूद है l उन्होंने कहा कि ऐसे तो विश्व के कई जगहों में लीची का उत्पादन होता है परंतु मुजफ्फरपुर की लीची का स्वाद एक विशिष्ट स्थान रखता है और मुजफ्फरपुर के शाही लीची का स्वाद उत्कृष्ट है lमुजफ्फरपुर से लीची का निर्यात पूरे विश्व में होता है जिसको देखते हुए भारत के दूसरे शहरों में भी लीची उत्पादन का काम शुरू हुआ है तथा दक्षिण भारत में भी कई शहरों में लीची की कई प्रजातियां की खेती की जा रही है l उन्होंने कहा कि लीची अनुसंधान केंद्र निरंतर वैज्ञानिक पद्धति से नई प्रजाति के लीची पर निरंतर अनुसंधान जारी रखे हुए हैं l साथ ही मुजफ्फरपुर के लीची किसानों को सेमिनार के माध्यम से समय-समय पर लीची से संबंधित जानकारी देते हुए नई तकनीकी के माध्यम से लीची का पैदावार बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी की जांच, समय पर उनकी सिंचाई, कटाई के साथ हैं उनके पूर्ण देखभाल की जानकारी देता है जिसकी वजह से लीची की उत्पादकता में काफी बढ़ोतरी हुई है l को सेमिनार, मिट्टी की जांच, के माध्यम से इसके उत्पादकता को बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्पित है lउन्होंने डाक विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि डाक विभाग द्वारा उठाए गए इस कदम से लीची के उत्पादन एवं इसके निर्यात को नया बढ़ावा मिलने के साथ मुजफ्फरपुर की लीची का प्रचार-प्रसार अधिक से अधिक हो सकेगा l

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तरी प्रक्षेत्र, मुजफ्फरपुर के डाक निदेशक श्री शंकर प्रसाद ने कहा कि लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के विशेष आवरण का विमोचन पूरे भारतवर्ष में डाक विभाग द्वारा किया जा रहा है इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजनों से उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा lउन्होंने यह भी कहा कि डाक विभाग, मुजफ्फरपुर प्रमंडल विशेषकर कोरोना महामारी के कठिन दौर में में अपनी सेवाओं जैसे एइपीएस, मेल सेवा, दवाइयों एवं अन्य उपकरणों का ससमय वितरण, डीबीटी भुगतान जैसे अति आवश्यक सेवाओं के माध्यम से जन-जन तक अपनी पहुंच बनाया है, जिसके लिए पहुंच बनाई है जिसके लिए मुजफ्फरपुर डाक प्रमंडल के सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारी बधाई के पात्र हैं|
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर, श्री जयंत कांत ने कहा कि डाक विभाग की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक है l डाक विभाग भारत सरकार की ऐसी संस्था है जिसकी पहचान और विश्वास आम जनों में काफी है l उन्होंने कहा कि जिस जमाने में इंटरनेट और मोबाइल नहीं था, उस समय एक साधारण पोस्टकार्ड के माध्यम से भी आमजन एक दूसरे तक संवादों का संचार करते थे l एक साधारण पत्र भी अपने गंतव्य तक समय से पहुंच जाता था l उन्होंने कहा कि बदलते समय में डाक विभाग का स्वरूप जरूर बदला है, परंतु विभाग की सेवाएं अपनी विश्वसनीयता बनाए हुए है तथा बदलते स्वरूप में भी डाक विभाग जन आकांक्षाओं पर खरा उतर रहा है l
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए “धीरज की पाठशाला” के सीईओ श्री धीरज श्रीवास्तव ने कहा कि डाक विभाग ने अपनी कार्यशैली में काफी बदलाव किया है तथा बदलते जमाने की जरूरत को भी डाक विभाग पूरा करने में सक्षम है lउन्होंने कहा कि आधार, पासपोर्ट, कैश ऑन डिलीवरी जैसे अनेक सेवाओं के साथ ही डोर स्टेप बैंकिंग के माध्यम से डाक विभाग जन-जन तक अपनी सेवाओं को पहुंचा रहा है| अतिथियों का स्वागत सहायक डाक अधीक्षक, मुख्यालय, श्री एन के साहू एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रवर डाक अधीक्षक श्री राजदेव प्रसाद ने किया | इस अवसर पर सुजनी महिला जीवन फाउंडेशन की श्रीमती संजू देवी, नॉर्थ बिहार फिलाटेलिक सोसायटी अध्यक्ष आचार्य चंद्र किशोर पाराशर, प्रवर डाकपाल श्री पवन कुमार सहायक, सहायक डाक अधीक्षक पूर्वी, श्री नटवरलाल, सहायक डाक अधीक्षक पश्चिमी श्री राजेश कुमार,अधीक्षक रेल डाक सेवा श्री अमरेश कुमार,सहायक निदेशक, क्षेत्रीय कार्यालय श्री आशुतोष नारायण राव, डाक निरीक्षक श्री आशुतोष आदित्य, श्री रविंद्र चंद्र, श्री अमित कुमार चौधरी, शिकायत निरीक्षक श्री सुभाष कुमार, जनसंपर्क निरीक्षक श्री प्रेरित कुमार, श्री अजय कुमार श्री शिव शक्ति सहित विभाग के सैकड़ों कर्मचारी एवं पदाधिकारी उपस्थित थे l
कार्यक्रम के शुरुआत में ही कोरोना महामारी में उत्कृष्ट सेवाएं देने एवं डाक कर्मियों एवं आम जनों को मदद करने के लिए श्री प्रेरित कुमार, जनसंपर्क निरीक्षक, श्री अजय कुमार, श्री शिव शक्ति, श्री कुंदन कुमार, श्री धनंजय कुमार, श्री दीपेश कुमार,श्री अभय गुप्ता एवं श्री लक्ष्मण कुमार को चीफ पोस्ट मास्टर जनरल ने कोरोना वारियर्स के सम्मान से नवाजा l इसके लिए उन्हें ट्रोफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया तथा कहा l सभी उपस्थित अतिथियों ने इस टीम के खुले दिल से तारीफ करते हुए कहा जिस प्रकार से महामारी के दौर में डाक कर्मियों को टीकाकरण, उनकी जांच सहित बीमार कर्मियों की मदद की वह तारीफ के योग्य है l