नवजात शिशुओं को कुपोषण से बचाता है स्तनपान 

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जिला संवाददाता कौशल किशोर सिंह के साथ अमीत कुमार की रिपोर्ट

– माँ का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार है
– 6 माह तक नवजात को दें सिर्फ माँ का दूध

मोतिहारी 3 अगस्त।
नवजात शिशुओं के लिए स्तनपान उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही ज़्यादा लाभकारी होता है। यह बच्चों के लिए जीवनदायिनी अमृत के समान है । नवजात शिशुओं को जन्म के तुरंत बाद स्तनपान  न सिर्फ उन्हें कुपोषण बल्कि  कई गंभीर बीमारियों से बचाता है। साथ हीं स्तनपान उनके सम्पूर्ण विकास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह कहना है मोतिहारी के सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार का। उन्होंने बताया कि स्तनपान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा 01 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। जिससे महिलाओं में जागरूकता आएगी।
स्तनपान को  बढ़ावा के लिए प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा
विश्व स्तनपान सप्ताह के सम्बंध में डीसीएम नन्दन झा ने कहा कि सभी प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी केंद्रों द्वारा क्षेत्र स्तर पर स्तनपान को  बढ़ावा के लिए प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। ज़िले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रसव कक्ष से जुड़ीं ममता कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि प्रसव कराने वाली माताओं को स्तनपान के प्रति जागरूक करें। कम से कम 6 माह तक केवल स्तनपान और 6 माह के बाद स्तनपान के साथ ऊपरी आहार को लेकर आवश्यकता अनुसार स्तनपान अनवरत जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

– एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका द्वारा होगा डोर टू डोर भ्रमण:
सीडीपीओ संध्या कुमारी ने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी सेविका व सहायिकाओं द्वारा डोर टू डोर भ्रमण कर गर्भवती और धातृ माताओं को छ: महीने तक केवल स्तनपान कराने के महत्व के बारे में जानकारी देने का काम करेगी। प्रसव के तुरंत बाद एक घंटे के अंदर स्तनपान कराना जरूरी होता है । साथ ही जन्म से लेकर 6 माह तक केवल मां का ही दूध पिलाना नवजात शिशुओं के लिए अतिआवश्यक होता है। वहीं सातवें महीने से हल्का ऊपरी आहार के साथ स्तनपान कम से कम दो वर्षों तक कराना होता है। ताकि बच्चों के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।
– स्तनपान से नवजात शिशुओं में मृत्यु की संभावना कम होती है:
वार्ड नं 10 की आंगनबाड़ी सेविका ज्योति देवी ने बताया कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करने वाले नवजात शिशुओं में मृत्यु की संभावना लगभग 20 प्रतिशत तक कम हो जाती है। इसके साथ ही पहले छह महीने तक केवल स्तनपान करने वाले शिशुओं में डायरिया एवं निमोनिया जैसी संक्रमण से होने वाली मृत्यु की संभावना 11 से 15 गुना तक कम हो जाती है। स्तनपान करने वाले शिशुओं का समुचित ढंग से शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है।