टीकाकरण केंद्र तक पहुंचा रहीं सेविका शशिबाला

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जिला संवाददाता कौशल किशोर सिंह के साथ अमीत कुमार की रिपोर्ट

टीकाकरण केंद्र तक पहुंचा रहीं सेविका शशिबाला

– आंगनबाड़ी संख्या 86 की सेविका शशिबाला लोगों को टीका के लिए मना रही

शिवहर, 30 जुलाई।
आंगनबाड़ी संख्या 86 की सेविका शशिबाला घर-घर जाकर न केवल लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक कर रही हैं , बल्कि, कोरोना टीका के लिए लोगों का विश्वास जीतने में सफल भी हुई हैं । उनके प्रयासों का असर अब उनके पोषण क्षेत्र के लोगों के बीच दिखने लगा है। लोग टीका लगवाने के लिए खुद केंद्र पर पहुंच रहे हैं। शशिबाला इस कोरोना काल में बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभा  रही हैं। कोरोना टीका लेने के लिए भी वह घर-घर जाकर लोगों को मना रही हैं। टीके के प्रति लोगों के मन से भ्रम को दूर कर रही हैं। उन्होंने बताया कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीन के रूप में कारगर हथियार मिला है। क्षेत्र के सभी लोगों का वैक्सीनेशन कराना उनकी जिम्मेदारी है।
लोगों को टीका लेने के लिए राजी किया
जब टीकाकरण शुरू हुआ तो लोग टीका लेने जाने से डरते थे, लेकिन शशिबाला ने लोगों को टीका लेने के लिए राजी किया। उनके गांव के लोगों की मानें  तो शशिबाला ने कोरोना काल में बहुत ही शानदार काम किया है। उसने गांववालों को बचा लिया। शशिबाला पढ़ी-लिखी हैं तो इस वजह से उसकी बात को सभी लोग मानते हैं। अभी कोरोना से बचाव के अलावा वह अपना स्थायी काम भी बेहतर तरीके से कर रही हैं ।
लोगों को लगातार कर रहीं जागरूक
शशिबाला ने कहा जब से कोरोना काल शुरू हुआ है तब से लोगों को बार-बार हाथ धोने से लेकर मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने के प्रति जागरूक कर ही हैं। शशिबाला कहती हैं मैं अपने क्षेत्र के सभी लोगों के बारे में जानकारी रखती हूं। इस वजह से मुझे कोरोना काल में काम करने सहूलियत हुई। मुझे पता रहता है कि किसके घर में कौन आने वाला है तो किसने टीका नहीं लिया है या फिर किसे टीका दिलवाना है।
2006 से बतौर सेविका काम कर रही-
शशिबाला 2006 से बतौर सेविका के तौर पर अपना काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कोरोना काल में काम बढ़ गया है। घर परिवार की भी जिम्मेदारी है, लेकिन घर की जिम्मेदारी के साथ सेविका का काम भी पूरे उत्साह के साथ कर रही हूं।
कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन
– एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
– सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेसकवर या मास्क पहनें।
– अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
– आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
– छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।

– आंगनबाड़ी संख्या 86 की सेविका शशिबाला लोगों को टीका के लिए मना रही

शिवहर, 30 जुलाई।
आंगनबाड़ी संख्या 86 की सेविका शशिबाला घर-घर जाकर न केवल लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक कर रही हैं , बल्कि, कोरोना टीका के लिए लोगों का विश्वास जीतने में सफल भी हुई हैं । उनके प्रयासों का असर अब उनके पोषण क्षेत्र के लोगों के बीच दिखने लगा है। लोग टीका लगवाने के लिए खुद केंद्र पर पहुंच रहे हैं। शशिबाला इस कोरोना काल में बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभा  रही हैं। कोरोना टीका लेने के लिए भी वह घर-घर जाकर लोगों को मना रही हैं। टीके के प्रति लोगों के मन से भ्रम को दूर कर रही हैं। उन्होंने बताया कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीन के रूप में कारगर हथियार मिला है। क्षेत्र के सभी लोगों का वैक्सीनेशन कराना उनकी जिम्मेदारी है।
लोगों को टीका लेने के लिए राजी किया
जब टीकाकरण शुरू हुआ तो लोग टीका लेने जाने से डरते थे, लेकिन शशिबाला ने लोगों को टीका लेने के लिए राजी किया। उनके गांव के लोगों की मानें  तो शशिबाला ने कोरोना काल में बहुत ही शानदार काम किया है। उसने गांववालों को बचा लिया। शशिबाला पढ़ी-लिखी हैं तो इस वजह से उसकी बात को सभी लोग मानते हैं। अभी कोरोना से बचाव के अलावा वह अपना स्थायी काम भी बेहतर तरीके से कर रही हैं ।
लोगों को लगातार कर रहीं जागरूक
शशिबाला ने कहा जब से कोरोना काल शुरू हुआ है तब से लोगों को बार-बार हाथ धोने से लेकर मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने के प्रति जागरूक कर ही हैं। शशिबाला कहती हैं मैं अपने क्षेत्र के सभी लोगों के बारे में जानकारी रखती हूं। इस वजह से मुझे कोरोना काल में काम करने सहूलियत हुई। मुझे पता रहता है कि किसके घर में कौन आने वाला है तो किसने टीका नहीं लिया है या फिर किसे टीका दिलवाना है।
2006 से बतौर सेविका काम कर रही-
शशिबाला 2006 से बतौर सेविका के तौर पर अपना काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कोरोना काल में काम बढ़ गया है। घर परिवार की भी जिम्मेदारी है, लेकिन घर की जिम्मेदारी के साथ सेविका का काम भी पूरे उत्साह के साथ कर रही हूं।
कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन
– एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
– सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेसकवर या मास्क पहनें।
– अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
– आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
– छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।