बाला तकनीक से प्ले स्कूल में परिवर्तित हो रहे जिले के आंगनबाड़ी केंद्र

0
109

जिला संवाददाता कौशल किशोर सिंह की रिपोर्ट

-सकरा प्रखंड में 30 आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल के रूप  में परिवर्तित किया गया है
– कुल 50 आंगनबाड़ी केंद्रों का हो चुका है पुनर्निर्माण
– यह आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह से इको फ्रेंडली होगा
-बिल्डिंग ऐज लर्निंग एड तकनीक है पूरा नाम

मुजफ्फरपुर, 22 जून।
जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को बाला तकनीक से नवीनीकरण किया जा रहा है। इस तकनीक से आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य की शुरुआत पिछले साल से हुई थी। जिसका मकसद आंगनबाड़ी के हर क्षेत्र को बच्चों के सीखने लायक बनाना था। जिसे सेलको फाउंडेशन की मदद से बनाया जा रहा  है। जिले में अभी तक कुल 50 आंगनबाड़ी केंद्रों को पूर्ण रूप  से बाला तकनीक पर नवीन किया जा  चुका है। जिसमें सकरा प्रखंड में 30 आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल के रूप  में परिवर्तित किया गया है। सेलको के जिला समन्व्यक भोलानाथ ने कहा कि जिले के सभी प्रखंडों में इस तकनीक से आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है। इस वर्ष जनवरी से लेकर अभी तक में 27 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र तैयार किया गया है।
सोलर चलित हैं  मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्र
सेलको के भोलानाथ ने बताया कि हमने जिस भी पुराने आंगनबाड़ी केंद्र का पुनर्निर्माण  किया है वह सभी  सोलर चलित हैं। वहीं उनके अंदर 40 इंच की कलर एलईडी टीवी भी है जिसमें ऑडियो और विजुअल दोनों ही माध्यमों से पढ़ाया जा सकता है। इसके लिए ई कंटेट भी दिया गया है। 1 पेडल स्टैंड फैन जो पूर्णत: सोलर की ऊर्जा पर आधारित है।  वहीं केंद्र के हर कोने को कुछ सीखने लायक अक्षरों से भरा गया है।
क्या है बाला तकनीक
बाला (बिल्डिंग ऐज लर्निंग एड) तकनीक पर आधारित होता है। बाला तकनीक से बनने