खेग्रामस ने धरना देकर मनरेगा में काम एवं अवैध निकासी की जांच की मांग की

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समस्तीपुर से मोहम्मद सिराज कि रिपोर्ट

खेग्रामस ने धरना देकर मनरेगा में काम एवं अवैध निकासी की जांच की मांग की

* मनरेगा में लूट का हब बनता जा रहा है ताजपुर- प्रभात रंजन गुप्त

खेग्रामस एवं मनरेगा मजदूर सभा के बैनर तले प्रखण्ड के बाजार क्षेत्र के नीम चौक पर खेग्रामस प्रखण्ड अध्यक्ष प्रभात रंजन गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सोमवार को लाकडाउन का पालन करते हुए धरना दिया. इस दरम्यान मांगों से संबंधित नारे लिखे तख्तियां, झंडे, बैनर लेकर प्रदर्शन भी किया.

मौके पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रभात रंजन गुप्ता ने कहा कि सरकार ने कोरोना काल में बिहार वापस आये मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार देने का वादा किया था लेकिन ये वादा भी अन्य वादे की तरह जुमला ही साबित हुआ. महीनों पूर्व माले के द्वारा दिए गए आवेदन की सुनवाई अबतक नहीं हो पाई है. पिछले लाकडाउन के समय से मजदूरों को अबतक रोजगार नहीं मिला है लेकिन अवैध निकासी जारी है. ताजपुर के विभिन्न पंचायतों में पशुशेड, बकरी शेड, सोख्ता, पुलिस, नाला आदि मद में लाखों- लाख रूपये की निकासी की गई है.

जबकी दूसरी ओर लोकडाउन होने के वजह से मजदूरों को अन्य काम भी नहीं मिल पा रहा है. इससे उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति आ गई है. खेग्रामस सरकार से मांग करती है कि जल्द से जल्द मजदूरों को मनरेगा में समायोजित कर काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने की व्यवस्था की जाए.

आगे श्री गुप्ता ने कहा कि 500 रुपये मजदूरी और 200 दिन काम माले का पुराना मांग है. कोरोना काल में देखा गया है कि जब पूरे विश्व की आर्थिक स्थिति चरमराई हुई थी, ऐसे में ग्रामीण अर्थव्यवस्था ने ही देश को मजबूती प्रदान किये रहा और मनरेगा देश के अंदर में ग्रामीण भारत के अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ बन चुका है. ऐसे में मनरेगा में हो रही तमाम विसंगतियों का असर प्रवासी मजदूरों पर पड़ रहा है. कोरोना के कारण लगे लाकडाउन में लगातार सरकार से मांग करते रहे हैं कि सभी मजदूरों के परिवार को 10000 रुपये के रूप में कोरोना भत्ता साथ में 5 किलो के जगह 35 किलो राशन का आवंटन दिया जाए. चौपट पड़े शिक्षा व्यवस्था को सुधारने को लेकर ऑनलाइन क्लासेज के लिए मजदूर परिवार के बच्चे को इंटरनेट सहित स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने की मांग की. कार्यक्रम में प्रभात रंजन गुप्ता के अलावे नेताजी खां, नौशाद खां समेत कई अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित थे.

इस आशय की जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाकपा माले प्रखण्ड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कि कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल है. कोरोना काल में दवाई, बेड, आक्सीजन, वेंटीलेटर जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं करवा पा रही है. यहाँ तक कि कोरोना के कारण मृत शवों का सही से अंतिम संस्कार तक नही़ं करवा पा रही है. माले पंचायत स्तर पर कोविड केयर सेंटर खोलने और तीन महीने के अंदर सबके लिए टीका की व्यवस्था सुनिश्चित