दिल्ली किसान आंदोलन के समर्थन में मुजफ्फरपुर समाहरणालय पर किसान-मजदूर संगठनों द्वारा विशाल प्रदर्शन

0
315

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की ओर से खुदीराम बोस स्मारक स्थल पर आयोजित अनिश्चितकालीन धरना के पांचवें दिन आज अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर 14 दिसंबर को राष्ट्रीय स्तर पर सभी जिला मुख्यालयों पर जुलूस प्रदर्शन के आलोक में किसान संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में धरना स्थल से किसानों का एक विशाल जुलूस निकालकर समाहरणालय पर प्रदर्शन किया गया एवं प्रधानमंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। यह विशाल सुसज्जित जुलूस रेड क्रॉस, इमली चट्टी, स्टेशन रोड, सदर अस्पताल, प्रधान डाकघर रोड होते हुए समाहरणालय पहुंचा।
कार्यक्रम में दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए 16 किसानों को 2 मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
समाहरणालय के समक्ष किसान खेत मजदूरों को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के बिहार राज्य सचिव लालबाबू महतो ने कहा कि केंद्र सरकार की किसान विरोधी एवं जन विरोधी 3 काले कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली में किसानों का निर्णायक संघर्ष चल रहा है।आज मुजफ्फरपुर की क्रांतिकारी धरती से यहां के किसान खेत मजदूरों ने एकजुटता का परिचय दिया है।
अखिल भारतीय किसान सभा के नेता नंदकिशोर शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार जब तक तीन काले कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार देश की सारी संपत्ति को पूंजीपतियों एवं कारपोरेट घराने को सौंप देना चाहती है। इन काले कानूनों के लागू होने से कृषि पर भी उन्हीं लोगों का कब्जा होगा तथा किसान उनके बंधुआ मजदूर होंगे और कृषि पर निर्भर करोड़ों लोग बेरोजगार होकर भूखमरी का शिकार होंगे। यह किसानों के लिए जीवन मरन लड़ाई है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चंदेश्वर प्रसाद चौधरी ने किया।
संबोधित करने वालों में शत्रुघ्न सहनी, अजीमुल्लाह अंसारी, रूदल राम, भूप नारायण सिंह, मुकेश कुमार, विश्वानंद, शाहिद कमाल, प्रो. अवधेश कुमार, अर्जुन कुमार, तारकेश्वर गिरी, जय मंगल पंडित, सुनील सिंह, माधव भक्त, कौशल भक्त, उदय चौधरी, लालबाबू राय, काशीनाथ सहनी, यादव लाल पटेल, जितेंद्र यादव, परशुराम पाठक आदि प्रमुख थे।