लोगों के दैनिक उपयोग होने वाली सरसों तेल उँची कीमत में

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रमेश प्रसाद सिंह वैशाली जिला ब्यूरो की रिपोर्ट

किसी भी पर्व त्योहार, कार्य प्रयोजन में खासकर पुरी पकवान, किसी भी प्रकार के सब्जी, भांजी, रसदार सब्जी, बुखार, ठंढ लगने पर सरसों तेल की काफी महत्व बढ़ जाता है। बच्चे के लिए सरसों का तेल काफी महत्व रखता है। सर्दी जुकाम होने पर सरसों तेल की मालिस करने से मनुष्य के शरीर को काफी लाभ मिलता है। शादी -विवाह, सुख श्राध्द आदि के कार्य प्रयोजन में उपयोग होने वाला तेल ही है। चाहे घरों, मंदिरों, के पुजनोत्सव या शाम की बेला में दीप जलाने की परम्परा कायम है। उन तेलों की कीमतों में दिन प्रति दिन उछाल हो रही है। इससे आमजनता के दैनिक जीवन पर असर पड़ता है। शायद इस तरह की परेशानियों की ध्यानाकर्षित करने की फुरस्त ही नहीं है। इसके पीछे कारण है स्वार्थ। चाहे वे सत्ता या विपक्षी राजनीति दलों के नेता है। ऐसी भी कहावत है कि जिन घरों, मंदिरों ,मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारा हो मनुष्य का आना जाना व साफ सफाई रौशनी नहीं हो, वहाँ भूतन या प्रेतात्मा वास करने लगती हैं । अब बदलती हुई परिस्थितियों में बिजली की रंग बिरंगी बल्व की रोशनी में दीपोत्सव को रुप में सजाया जाता है।

समाजिक परम्परा के अनुसार घरों व मंदिरों में गृही देवी देयताओं के पूजन के उपयोग में भी तेल ही होता है। किसी न किसी रुप में दैनिक जीवन में तेल का उपयोग किया करते हैं। यही कारण है कि दीपोत्सव यानी रौशनी का पर्व दीपावली प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास में मनाई जाती है। कोई भी ऐसा घर , मंदिर ,मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरजाघर जहाँ शाम ढ़लते रौशनी जलाने की परम्परा कायम है।
नयी फैशन के दौर में ग्रामीण
या शहरी इलाकों के चौक चौराहे पर तेल में तली अधिकांश विभिन्न प्रकार के पकोरें,चाट,अक्सर लोग नास्ते करते शाम में दिखाई देते हैं। अब परम्परा के मुताबिक युवा वर्ग यानी युवक युवती शाम ढ़लते ही चौक चौराहे पर लगी छोटे छोटे दुकानों पर तेल में तली खाद्यान्न खाने के लिए लोग जुट जाते हैं। वैसे दुकानों में उपयोग किये जा रहे तेल की ओर लोगों का ध्यान जरा भी नहीं है। यही भूल लोगों के जीवन कष्टदायक यानी स्वास्थ्य बिगड़ती जाती है। इसके पीछे एक और कारण छिपी हुई है वह है किसी भी तेल का डुबलिकेट आसानी से तेल धड़ल्लें बिक रही है। जिसका नमूना शादी विवाह या कार्य प्रयोजन प्रीति भोज में लोग शामिल होते हैं। तेल की शिकायत के कारण अधिकांश लोगों की तबीयत खराब होती है। तभी प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की नींद खुलती है।