आसमान छू महंगाई से आलु रसोईघर से गायब

0
332

रमेश प्रसाद सिंह वैशाली  जिला ब्यूरो  की रिपोर्ट

आसमान छुती महंगाई आलु रसोईघर से गायब

वैशाली जिले अन्तर्गत हाजीपुर, लालगंज, वैशाली, पटेढ़ी बेलसर, गोरौल, विदुपुर, सहदेई बुजुर्ग, महनार, राघोपुर, जंदाहा राजापाकर, महुआ, भगवानपुर, देसरी, पातेपुर समेत चेहराकलां प्रखंडों के शहरी व ग्रामीण हाट बाजारों में सब्जी की आसमान छुती महंगाई जनता की थाली से गायब होती दिख रही है।
सब्जियों में राजा आलु की बढ़ती महंगाई के कारण प्रत्येक घरों के रसोईघर से गायब होती दिख रही है। यहाँ तक की चौक चौराहे के दुकानों से बढ़ती आलु की कीमतों से समोसा भी गायब है। शुभ अशुभ कार्य प्रयोजन में महंगे आलु को लेकर उठानी पड़ रही मशक्कत ।

हिन्ददुओं का महत्वपूर्ण छठ पर्व के समाप्ति के साथ ही शहनाई की आवाज सुनने को मिलने लगी। पर पिछले शादी विवाह के महत्वपूर्ण मास में वैश्विक महामारी को लेकर लाँक डाउन के कारण शुभ तिथि निर्धारित होने के बावजूद भी अपने को सुरक्षित रखने और अन्य लोगों की सूरक्षा की नियत से शादी विवाह जैसे समारोह रोकते हुए तिथि आगे बढ़ा दी गई थी। जैसे ही छठ पर्व के बाद ही बढ़ती हुई आलु की कीमतों के बीच किसानों ने आलु की खेती आवश्यक की । आमजनो में यह धारणा थी कि आलु की रोपाई के बाद शायद आलु के कीमतों में गिरावट आयेगी। पर ठीक इसके विपरीत दिन प्रति दिन आलु की कीमतों में उछाल होता रहा। जिसका परिणाम यह हुआ कि आज बाजार में पुरानी आलु की कीमत 50 रुपये / किलोग्राम व नये आलु 60 रुपये / किलोग्राम धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। यहाँ तक की देहाती हाट, बाजार, ग्रामीण चौक चौराहे की दुकानों में आलु की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण अधिकांश घरों तक आलु नहीं पहुँच पा रहा है।

गृहणी द्वारा कहा जा रहा है कि कोई सब्जी घर नहीं रहता था तो आलु ही ऐसी सब्जी थी जिससे अतिथि सेवा सत्कार कर समाजिक प्रतिष्ठा बचाया जाता था। गरीब तबके के लोग आलु की ओर से ध्यान हटा कर अन्य सब्जियों पर निगाह डाल दिया है। और तो और ग्रामीण इलाकों के चौक चौराहे की दुकानों में से आलु की कीमतों में उछाल के कारण समोसा का आकार छोटा हो गया है या दुकान से समोसा ही गायब हो गया है। जिसके फलस्वरूप समोसा की भरपाई लिट्टी से की जा रही है। इस मामले में चौक चौराहे कीदुकानदारों से पुछने पर बताया कि आलु की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण समोसा पूर्व की निर्धारित दर पर बेचना घाटा का सौदा है।
फोटो