बिहार: दो दिनों में ही क्वारंटाइन भूल गए तेजश्वी, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नितीश पर हुए हमलावर

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बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का कोरोना संक्रमण के डर का क्वारैंटाइन दो ही दिन में ख़त्म हो गया, दरसल पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवंश सिंह को मनाने के लिए दो दिन पहले तेजस्वी दिल्ली गए थे और उनके साथ गए संजय यादव की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी जिस वजह से वह क्वारंटाइन हो गए थे।
लेकिन आज सुबह दो दिनों के बाद ही वह क्वारंटाइन भूल प्रेस कांफ्रेंस बुला लिए, बाढ़ और कोरोना को लेकर बिहार के साथ केंद्र सरकार पर हमला बोलने के लिए बुलाई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं किया गया और न ही उन्होंने या साथ बैठे पांच अन्य नेताओं में से किसी ने मास्क ही लगाया।
मीडिया कर्मियों से बात करते हुए तेजश्वी यादव ने बाढ़ और कोरोना को लेकर आंकड़ों की जानकारी दी तथा मुख्यमंत्री पर हमलावर होते हुए नीतीश कुमार को झूठा ठहराया। तेजश्वी ने कहा कि वह माननीय और सम्माननीय हैं, लेकिन देश के सबसे बड़े झूठे हैं।  कोरोना के आंकड़े छिपाने से लेकर टेस्ट तक में झूठ बोल रहे हैं।

तेजस्वी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने बिहार में कोई काम नहीं किया, अब चुनाव आया तो शिलान्यास करते फिर रहे हैं। रोजगार के दावे और विकास की तस्वीर एयरपोर्ट पर भी दिख रही है और गांवों में भी। बिहार के लोग लॉकडाउन में मरते-मरते आए और अब वापस जा रहे हैं। एयरपोर्ट पर इन्हीं की भीड़ है और बिहार के गांव-गांव में बसें आकर इन्हें ले जा रही है।
तेजस्वी ने कहा कि बिहार पर बाढ़ और कोरोना की दोहरी मार पड़ी है। सरकार बाढ़ और कोरोना को लेकर गंभीर नहीं है। बाढ़ से 16 जिला के 84 लाख की आबादी प्रभावित है। सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किया। पहले से किसी प्रकार की तैयारी नहीं की।
तेजस्वी के कहा कि 15 साल में नीतीश कुमार ने बिहार में विकास किया तो आज लोग पलायन करने को क्यों मजबूर हैं। कोरोना के चलते लॉकडाउन लगा तो देशभर से लगभग 40 लाख मजदूर बिहार आए। मुख्यमंत्री ने वादा किया था कि जितने मजदूर आएंगे उनके खाते में 1-1 हजार रुपए डालेंगे। हमने 10-10 हजार देने की मांग की थी। हमारी मांग पूरी करना तो दूर उन्होंने अपने 1 हजार देने के वादे को भी पूरा नहीं किया।