अब कोविड नाव एम्बुलेंस से मरीज पहुंचेंगे कोविड अस्पताल

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वैशाली जिला संवाददाता कौशल किशोर सिंह की रिपोर्ट.

– बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहेगी तैनात
– नाव पर ही उप्लब्ध है बेड और ऑक्सीजन की सुविधा

वैशाली। 10 अगस्त
बिहार में कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है. ऐसे में जिला प्रशासन भी कोशिश कर रही है कि इस गहराते संकट से जल्द से जल्द निबटा जा सके।इसी बीच वैशाली जिले में कोरोना काल के बीच एक अनोखी पहल की गई है। यहां बाढ़ प्रभावित लोगों को नजदीक के कोविड-19 केयर में पहुंचाने के लिए एक स्पेशल कोविड नाव एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। नाव पर बने एंबुलेंस में तमाम तरह की सुविधाएं मौजूद है जिससे मरीजों को सुविधा के साथ राघोपुर से नजदीक के कोविड अस्पताल पहुंचाया जा सकता है। नाव में बेड, पल्स मीटर और ऑक्सिजन सिलेंडर की भी व्यवस्था है।

देश का पहला कोरोना एम्बुलेंस:
यह देश का पहला ऐसा स्पेशल कोरोना एम्बुलेंस है जिसपर कोरोना पॉजिटिव मरीजों को गांव से कोरोना अस्पताल तक ले जाया जाएगा। इस संबंध में एसीएमओ डॉ ज्ञान शंकर ने बताया दरअसल बाढ़ प्रभावित लोगों को कोरोना काल में दोहरी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की सुविधाओं को देखते हुए ऐसी व्यवस्था की गई है, ताकि समय रहते कोरोना मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाया जा सके।
बिहार इस वक्त बाढ़ की मार झेल रहा है. तकरीबन 70 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है. दूसरी तरफ कोराना संकट भी गहराता जा रहा है ऐसे में बाढ़ की समस्या होने की वजह से लोग कोविड अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं इस समस्या को देखते हुए ऐसे स्पेशल कोविड वोट एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है जो एक सराहनीय कदम है।

कोरोना वायरस से बचाव को लेकर व्यवहार में लाएं परिवर्तन:

• व्यक्तिगत स्वच्छता और शारीरिक दूरी बनाए रखें
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें। साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल करें।
• साफ दिखने वाले हाथों की भी अंतराल पर सफाई करें
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंकें।
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंकें
• घर से निकलते वक़्त मास्क का इस्तेमाल जरुर करें. बार-बार मास्क को ऊपर नीचे करने से बचें
• बातचीत के दौरान व्यक्तियों से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें, विशेष रूप से फ्लू जैसे लक्षण दिखने वाले व्यक्तियों के साथ
• अपनी कोहने के अंदरूनी हिस्से में छींके, अपने हाथों की हथेलियों में न खासें
• आँख, नाक एवं मुँह को छूने से बचें
• अपने तापमान को और श्वसन लक्षणों की जांच नियमित रूप से करें। अस्वस्थ्य महसूस करने पर (बुखार, सांस लेने में कठिनाई और खांसी) डॉक्टर से मिलने के दौरान, अपने मुंह और नाक को ढंकने के लिए मास्क का प्रयोग करें