पातेपुर प्रखंड क्षेत्र के मरुई पंचायत के विभूतिनगर बंचर गांव में काली स्थान के पास नून नदी के पानी के दबाव के कारण बांध से हो रहे रिसाव

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पातेपुर से रंजीत कुमार की रिपोर्ट

पातेपुर प्रखंड क्षेत्र के मरुई पंचायत के विभूतिनगर बंचर गांव में काली स्थान के पास नून नदी के पानी के दबाव के कारण बांध से हो रहे रिसाव का मुआयना करने एवं छिलकोरा बांध की मरम्मति के लिए मौके पर पहुंचे जल संसाधन विभाग के पदाधिकारी एवं पातेपुर प्रखंड के बीडीओ को आक्रोशित ग्रामीणों ने बंधक बना लिया तथा जमकर बबाल काटा. मौके पर पातेपुर थाने की पुलिस पहुंच कर पदाधिकारियों को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराया.

मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को पातेपुर प्रखंड क्षेत्र के मरुई पंचायत अंतर्गत विभूतिनगर बंचर गांव में काली स्थान के पास नून नदी में पानी के बढ़ते दबाव के कारण बाढ़ के बढ़ते खतरे के बीच बांध के स्थिति का जायजा लेने एवं उसी गांव में टूटे छिलकोरा बांध की मरम्मति के लिए निरीक्षण करने पहुंचे जल संसाधन विभाग के एसडीओ, इंजीनियर एवं पातेपुर बीडीओ डॉ संदीप कुमार को आक्रोशित ग्रामीणों ने बंधक बना लिया तथा जमकर हंगामा किया.स्थिति की नजाकत को देखते हुए बीडीओ डॉ संदीप कुमार ने इसकी सूचना पातेपुर थाने की पुलिस को दी.सूचना मिलते ही पातेपुर थानाध्यक्ष रामशंकर कुमार दल बल के साथ मौके पर पहुंच कर लोगो को समझा बुझा कर ग्रामीणों के चंगुल से पदाधिकारियों को मुक्त कराया. स्थानीय लोगो के अनुसार उक्त स्थल पर दो दिन पूर्व पातेपुर अंचलाधिकारी एवं जल संसाधन विभाग की टीम स्थल का जायजा लेकर यथाशीघ्र बांध को मरम्मत कराने का आश्वासन देकर आये थे.मरम्मत कार्य मे लापरवाही के कारण बांध टूटने से सैंकड़ो एकड़ में लगी फसल बर्बाद हो गया.इस बात को लेकर ग्रामीण पहले ही आक्रोशित थे. वही ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चांदे गांव में मछुआरों द्वारा मछली पालन को लेकर पुल के समीप बाड़ी लगाने से नदी का बहाव कम होने के कारण नदी के बांध पर दवाब बढ़ने से बांध टूट रहे है. जिसे प्रशासन के लापरवाही के कारण क्षेत्र की स्थिति नाजुक होती जा रही है. साथ ही काली स्थान के पास बांध से हो रहे रिसाव को समय से बंद नही कराने पर मरुई गांव की एक बड़ी आबादी बाढ़ के भीषण समस्या के जद में आने की संभावना प्रवल होती जा रही है. दूसरी ओर नून नदी के किनारे बसे बकाढ, बहुआरा, कृष्णबाड़ा आदि दर्जनों गांव में पानी घुस जाने के कारण सैंकड़ो एकड़ में लगी धान की फसल डूबकर बर्बाद हो गई है. वही प्रशासनिक पदाधिकारी सुविधा मुहैया नही कराए जाने को लेकर लोगो में आक्रोश पनप रहा है जो कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है.इस संबंध में पातेपुर बीडीओ डॉ संदीप कुमार ने बताया कि स्थिति का जायजा लेकर बांध की मरम्मत के लिए आवश्यक निर्देश जारी किया गया है.