स्वास्थ्य विभाग ने ट्रूनेट और आरटी -पीसीआर से जांच के लिए लक्ष्य किया निर्धारित

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वैशाली जिला संवाददाता कौशल किशोर सिंह की रिपोर्ट.

– लक्ष्य निर्धारित करने से जांच में आएगी तेजी
– जिले के ट्रूनेट मशीन को मिला 175 का लक्ष्य

वैशाली। 30 जुलाई
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों और सिविल सर्जन को बुधवार को एक पत्र जारी किया है जिसमें जिले में आरटी-पीसीआर मशीन एवं ट्रू नेट मशीन से कोविड 19 की जांच हेतु लक्ष्य प्राप्त करने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद संधिग्ध और कॉन्टेक्ट ट्रेस में आए व्यक्तियों के जांच में तेजी आएगी। इस पत्र के अनुसार जिले में स्थित ट्रू नेट मशीन के लिए 175 तथा आरएमआरआई में जिले से भेजे गये वैसे सैंपल, जिनकी जांच आरटी -पीसीआर से होनी है,के लिए 110 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें वैसे लोगों का टेस्ट ट्रू नेट और आरटी पीसीआर से होनी थी जिनमें संक्रमण के लक्षण दिखे और जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आयी हो। बुधवार को जिले को मिले लक्ष्य में एंटीजन टेस्ट में निगेटिव आए संदिग्ध लोग शामिल होगें। अभी जिले को 400 एंटीजन टेस्ट का लक्ष्य दिया गया है। जिले के सभी पीएचसी/सीएचसी पर संक्रमण के टेस्ट की व्यवस्था है।

कितने तरह के कोरोना टेस्ट है देश में :

हमारे देश में कोरोना की जांच के लिए 4 तरह के टेस्ट हो रहे हैं। पहला- आरटी-पीसीआर टेस्ट। दूसरा- ट्रूनेट या सीबीनैट टेस्ट। तीसरा- एंटीजन टेस्ट और चौथा एंटीबॉडी टेस्ट।

आरटी-पीसीआर टेस्ट भारत ही नहीं दुनियाभर के कई देशों में हो रहा है। कोरोना की जांच के लिए यही टेस्ट जरूरी है।
19 मई को आईसीएमआर ने कोरोना की जांच के लिए ट्रूनेट या सीबीनैट टेस्ट की मंजूरी दी। यह टेस्ट आमतौर पर टीबी की जांच के लिए होता है।
इसके बाद 14 जून को आईसीएआर ने कोरोना मरीजों की पहचान के लिए सिर्फ कंटेनमेंट जोन और हॉट-स्पॉट इलाकों में कोरोना मरीजों की पहचान के लिए एंटीजन टेस्ट को मंजूरी दी।
आखिर में एंटीबॉडी टेस्ट, जिससे किसी शख्स के खून से पता लगाया जाता है कि इसे कभी कोरोना हुआ था या नहीं? हालांकि, ये टेस्ट सिर्फ सीरो सर्वे के लिए ही होता है।