‌‌‌गिलोय बढ़ाएगा कोरोना के प्रति एंटीबॉडी, इम्यूनिटी बूस्टर के रुप में करता है काम

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जिला संवाददाता कौशल किशोर सिंह की रिपोर्ट.

– आयुष मंत्रालय ने गिलोय को बताया इम्यूनिटी बूस्टर
– जोधपुर स्थित आयुर्वेद विवि ने एक महीने की परीक्षण, मिली है सफलता
– स्वस्थ्य व्यक्ति भी कर सकते हैं इसका सेवन

मुजफ्फरपुर। 22 जुलाई
कोरोना का प्रकोप जिस तरह लोगों को अपने आगोश में ले रहा है, ठीक उसी तरह इससे निजात पाने के लिए पूरे विश्व में इस बीमारी के खात्में के लिए टीके और दवाओं पर शोध हो रहे हैं। यह सर्वज्ञात है कि किसी भी बीमारी से लड़ने में मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी मुख्य भूमिका निभाती है। ऐसे में अपने देश में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति देशवासियों के लिए वरदान से कम नहीं है। इसकी दो मुख्य वजहें हैं एक तो कि इस पर ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने पड़ते दूसरी कि यह कि यह अपना काम तेजी से बिना किसी साइड इफेक्ट के करती है।

इनेट और एडेप्टेड दोनों इम्यूनिटी को बढ़ाता है गिलोय
कोरोना संक्रमण से बचाव में भी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता का काफी महत्व है। यह हमें कोरोना से होने वाले दुष्प्रभावों से बचाता है। इस संबंध में आयुष मंत्रालय ने लोगों को अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करने को भी कहा है। मंत्रालय के सलाहकार डॉ. मनोज नेसारी के अनुसार वैक्सीन पर रिसर्च हो या आयुष मंत्रालय द्वारा दवाईयों पर शोध, दोनों का उद्येश्य व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना है। इसमें गुरुची जिसे देसी भाषा में गिलोय कहते हैं, बहुत कारगर है। इसके पत्ते पान की तरह होते हैं। यह लता के रुप में बढ़ता है। जब गिलोय नीम के पेड़ पर होता है तो ज्यादा अच्छा माना जाता है। स्वाद में यह थोड़ा कड़वा होता है, लेकिन इसके सेवन से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करती है। खास बात यह है कि यह इनेट इम्यूनिटी और एडेप्टेड इम्यूनिटी दोनों बढ़ाती है।

जोधपुर स्थित आयुर्वेद विवि को परीक्षण के बाद मिली सफलता
गिलोय के तने से बने टैबलेट ने कोविड 19 रोगियों को बगैर किसी दुष्प्रभाव के स्वस्थ्य कर दिया गया। अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार एलौपैथी की अलग -अलग दवाइंया जहां 10 से 12 दिन में कोरोना संक्रमितों को ठीक कर रही थी। वहीं गिलोय टैबलेट से मरीज 5 से 7 दिनों में ही निगेटिव आ गए। निगेटिव दर आधी रहने और नॉन कोरोना मरीजों को भी इम्यूनिटी बूस्टर के रुप में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। यह परीक्षण पूरे एक महीने तक 1 जून से 30 जून तक 18 से 60 वर्ष आयु के 40 मरीजों पर परीक्षण किया गया था।

स्वस्थ्य व्यक्ति भी कर सकते हैं इसका सेवन
इस संबंध में सीतामढ़ी कोविड केयर सेंटर में कार्यरत डॉ पूनम कहती हैं कि स्वस्थ्य व्यक्ति भी इसका सेवन कर सकते हैं। स्वस्थ्य व्यक्ति 500 मिलीग्राम की टैबलेट सुबह शाम 15 दिन लेकर अपनी रोग प्रतिरोध क्षमता विकसित कर सकते है।