स्वामी विवेकानंद की महानिर्वाण दिवस के अवसर पर जिला विधिज्ञ संघ भवन हाजीपुर के प्रांगण में उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण किया अर्पित ।    

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रिपोर्ट ःः वैशाली जिला संवाददाता कौशल किशोर सिंह         

 वैशाली/हाजीपुर।भारत विश्व में एकमात्र पुण्य भूमि है जहां प्राचीन काल में महापुरुषों, ऋषि-मुनियों ,महान वैज्ञानिकों, विचारकों एवं समाज सुधारकों ने जन्म लेकर मानव जाति का मार्गदर्शन एवं उद्धार किया। स्वामी विवेकानंद जी की महानिर्वाण दिवस के अवसर पर जिला विधिज्ञ संघ भवन हाजीपुर वैशाली के प्रांगण में उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण अर्पित करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए हरेश कुमार सिंह भाजपा बिहार प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद विचारवान, मानव हित चिंतक, सर्वश्रेष्ठ वक्ता के साथ भारतीय हिंदू के महान उपासक, हिन्दुत्व के पुरोधा थे। 11 सितंबर 1893 को विश्व धर्म संसद अमेरिका के शिकागो शहर में दुनिया के अनेक देशों से हजारों की संख्या में प्रतिनिधि उपस्थित थे उसमें स्वामी विवेकानंद सबसे युवा भारतीय प्रतिनिधि थे जब उन्होंने ” अमेरिका के भाइयों व बहनों ” बोले तो सभा भवन 3 मिनट तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा था।स्वामी विवेकानंद संपूर्ण भारत में पैदल भ्रमण कर दीन दुखियों ,साधु संतों की सेवा, जप तप, धार्मिक चर्चा करना नित्य कर्म में शामिल किए हुए थे।स्वामी जी का कहना था कि जिस प्रकार अलग-अलग जगहों से बहने वाली नदियां समुद्र में ही जाकर मिलती है उसी प्रकार मनुष्य अंत में परमात्मा के पास पहुंचते हैं।स्वामी जी को विश्वास था सेवा कार्य केवल संगठन के द्वारा ही संभव है इसलिए 1897 में श्री रामकृष्ण मिशन की स्थापना उद्देश्यों के साथ की थी।  कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अधिवक्ता राजकुमार दिवाकर ने कहा कि भारतीयों के संबंध में ईसाई मिशनरियों द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार का वे प्रभावी ढंग से खंडन करते थे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए अधिवक्ता संजीव कुमार बिहार राज्य किसान सभा जिला अध्यक्ष वैशाली ने कहा कि स्वामी जी भारत भूमि के योद्धा सन्यासी, विलक्षण संत, राष्ट्रभक्त महान विचारक युग दृष्टा संत थे। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता मनोज महाराज ने कहा कि आज ही के दिन वर्ष उन्नीस सौ दो ईसवी में पश्चिम बंगाल के बेलूर मठ में संसार का त्याग किए थे। इस अवसर पर अधिवक्ता मुकेश रंजन, विनोद कुमार सिंह, विनय कुमार झा, अरविंद कुमार ओझा,अजय कुमार यादव,लेख्य प्रमाणक सुबोध सिंह, शंभू सिंह, कृष्ण मुरारी प्रसाद,श्याम नाथ सुमन, उमाकांत पाण्डेय, चिंटू कुमार,मो मुजाहीद,मो मोख्तार अहमद सहित अन्य प्रमुख गणमान्य लोगों ने श्रद्धा के साथ स्वामी विवेकानन्द जी को नमन करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किया।