अब जिले में ही हो सकेगी कोरोना संक्रमितों की जांच, लायी जा रही ट्रूनेट मशीन

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वैशाली जिला संवाददाता की रिपोर्टः

 


• -एक घंटे में दो संक्रमितों की कर सकता है जांच
– पॉलीमर चेन रिएक्शन को सैंपल भेजे जाएगें आरएमआरआई
– सदर अस्पताल में होगी जांच की सुविधा

वैशाली। 1 जून 2020

कोविड 19 से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से सदर अस्पताल में ट्रूनेट मशीन की सौगात दी गई है। सदर अस्पताल के फाइलेरिया वार्ड के आधे हिस्से में इसके लिए स्थान भी चयनित कर ली गई है। जिससे अब सैंपल को आरएमआरआई और पीएमसीएच भेजने की जरुरत नहीं होगी। इससे सैम्पल लेने के कुछ ही घंटे बाद से ही जांच रिपोर्ट भी मिलने लगेगी। जांच मशीन सदर अस्पताल में लगाई जाएगी। इस मशीन के लग जाने से आम जनता के साथ स्वस्थ्य कर्मियों को भी राहत मिल सकेगी। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ज्ञान शंकर ने बताया कि सदर अस्पताल में जगह चयन कर लिया गया है। उसके फर्नीशिंग का काम भी लगभग पूरा है। इससे जांच के लिए दूसरे अस्पतालों पर निर्भरता कम होगीं। यह मशीन 24 घंटे में 40 से 50 सैंपल का रिजल्ट बताता है।

24 घन्टे में 40-50 सैंपल जांच की क्षमता:

जिला स्वास्थ समिति के एसीएमओ डॉ ज्ञान शंकर ने कहा कि इस मशीन की क्षमता एक दिन में 40 से 50 सैंपल जांच करने की है। यानि एक घंटे में 2 सैम्पल की जांच होगी। लेकिन एक से दो घंटे मशीन बंद रहेगी तो उस समय जांच की संख्या कम हो जाएगी। इस तरह विभाग ने एक दिन में 40 सैम्पल जांच करने की तैयारी की है। अगर एक दिन में इससे ज्यादा सैम्पल लिया जाता है तो शेष सैम्पल को पटना भेजा जाएगा।

पीसीआर के लिए जाएगी सैंपल आरएमआरआई

एसीएमओ ने बताया कि कोविड-19 ट्रूनेट जांच मशीन से कोरोना की प्रारम्भिक जांच होगी। जिन लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आएगी, उन्हें पूरी तरह से ठीक माना जाएगा। लेकिन जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी, केस को पॉलीमर चेन रिएक्शन के तहत कन्फर्म करने के लिए फिर से सैम्पल आरएमआरआई भेजी जाएगी। इसके बाद ही उसे पॉजिटिव मान उनका इलाज कोविड केयर मे किया जाएगा।

स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण:

सदर अस्पताल में लगे टूनेट मशीन को संचालित करने तथा सैंपल कलेक्शन के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां पर शिफ्टवाइज स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। ताकि सैंपल जांच का कार्य 24 घंटे किया जा सके।

कम समय में अधिक की होगी जांच:

टूनेट मशीन लग जाने से न केवल कोरोना संदिग्ध की जांच में तेजी आएगी, बल्कि कम समय में अधिक लोगों की जांच होगी और कोविड-19 का पूर्ण पुष्टि के लिए पुनः संदिग्ध का सैंपल जांच के लिए आरएमआरआई भेजा जाएगा। अभी मरीज के जांच रिपोर्ट आने में जहां दो से तीन दिन लग जाते हैं और सभी लोगों का सैंपल जांच के लिए भेजना पड़ता है।