लघु जल सिचाई विभाग के उच्चाधिकारियों एवं झील खोदाई के अधिकृत एजेंसी के अधिकारी गुरुवार को झील बरैला पक्षी विहार का दौरा किया

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वैशाली। लघु जल सिचाई विभाग के उच्चाधिकारियों एवं झील खोदाई के अधिकृत एजेंसी के अधिकारी गुरुवार को झील बरैला पक्षी विहार का दौरा किया। चारों ओर झील में पानी देख पदाधिकारियों ने कहा कि अभी झील की उड़ाही संभव नहीं है। पदाधिकारी बरैला झील पक्षी विहार के बसघट्टा घाट पर पहुंचे। तथागत महावीर बरैला झील जीव रक्षा सह शोध संस्थान के संस्थापक सचिव एवं स्पेयरहेड गंगा प्रहरी सह पर्यावरणविद पंकज कुमार चौधरी के नेतृत्व में गंगा प्रहरियों ने पदाधिकारियों के स्वागत और झील संबंधित जानकारी से अवगत कराया।लूम हो कि जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा बिहार में तीन चयनित झीलों में एक झील बरैला को बिहार सरकार के द्वारा जल-जीवन- हरियाली मिशन के तहत 12.50 करोड़ की लागत से उड़ाही कराने योजना है। योजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिग से किया था। प्रथम चरण में झील के 250 एकड़ के तीन टुकड़े का उड़ाही इसी माह होनी थी, मगर गत वर्ष अक्टूबर में सूखी झील बरैला में नून नदी से गंगा प्रहरियों द्वारा नहर का जीर्णोद्धार कर लाए गए पानी एवं बाद में बारिस के पानी से झील अबतक भरा देख पदाधिकारियों एवं अधिकृत एजेंसी से जुड़े पदाधिकारियों में निराशा हुई। पदाधिकारियों के दल में प्रमंडलीय मुख्य अभियंता लघु जल सिचाई मुजफ्फरपुर सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता नरेंद्र कुमार, अंचल मुजफ्फरपुर के साथ जिला कार्यपालक अभियंता संतकुमार सिंह, जूनियर इंजीनियर श्याम कुमार आदि शामिल हैं। गंगा प्रहरी समरेस चौधरी ,रामबाबू साहनी , कुंदन चौधरी ,मोख्तार साहनी, सुशील कुमार, कुन्दन, विनय शर्मा विश्वनाथ साहनी, विशेक सहनी आदि शामिल थे।