कोरोन्टाइन सेंटर में प्रवासी लोगों को असुविधा के कारण भारी आक्रोश

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पातेपुर से बिजय चौधरी की रिपोर्ट

पातेपुर के बलिगावँ स्थित पंचायत सरकार भवन में संचालित क्वारेंटाइन केंद्र में रह रहे प्रवासियों को सरकार द्वारा कोई सुविधा उपलब्ध नही कराए जाने से प्रवासियों समेत ग्रामीणों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है. केंद्र की स्थिति यह है कि केंद्र पर तीन दिनों से रह रहे लगभग 75 प्रवासियों के लिए भोजन तक नही मिल रहा है.

मिली जानकारी के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के बलिगावँ स्थित पंचायत सरकार भवन पर पिछले तीन दिनों से लगभग 75 प्रवासी क्वारेंटाइन किया गया है. परंतु सुविधा के नाम पर मात्र कहने के लिए ही क्वारेंटाइन केंद्र स्थापित है. प्रशासनिक पदाधिकारी की लापरवाही देखने के लिए सिर्फ इतना ही काफी है कि केंद्र पर  रह रहे प्रवासियों के लिए न तो सोने के लिए विछावन दिया गया है न ही सरकार द्वारा दिया जाने वाला किट ही उपलब्ध हो पाया है. स्थानीय लोगो के दबाव के कारण स्थानीय मुखिया द्वारा किसी तरह तीन दिनों बाद प्रवासियों को भोजन दिया गया है. क्वारेंटाइन केंद्र खुला में स्थापित है.केंद्र पर शौचालय, पेयजल, का घोर अभाव होने के कारण प्रवासियों को खुले में शौच करने की विवशता है. प्रवासियों को खुले में शौच जाने पर ग्रामीणों के आक्रोश का सामना भी करना पड़ता है. जिससे कभी भी झड़प होने की संभावना बनी रहती है. वही दूसरी ओर प्रवासियों के लिए सरकार के पदाधिकारी द्वारा क्वारेंटाइन केंद्र पर बांस बल्ला से घेराबंदी भी नही कराया गया है.जिससे स्थानीय लोग केंद्र से होकर आते जाते रहते है.जिससे स्थानीय लोगो की सुरक्षा में प्रश्न चिह्न खरा करता है. इस संबंध में केंद्र के नोडल पदाधिकारी अवधेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र पर रह रहे प्रवासियों के लिए सरकार से मिलने वाली सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कई बार वरीय पदाधिकारी को सूचना दी गई है परंतु आगे की कोई कार्रवाई नही हो रही है. बताते चले कि कोरोना वायरस को लेकर सरकार के द्वारा प्रवासियों को घर वापसी के दौरान 14 दिनों तक क्वारेंटाइन करने निर्देश जारी किया गया है.क्वारेंटाइन के दौरान सभी प्रवासियों को 14 दिनों तक रहने, खाने के साथ साथ सभी मूलभूत सुविधाएं सरकार द्वारा उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है. फिर भी  प्रखंड के पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण प्रवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. वही स्थानीय लोगो के अनुसार प्रखंड के पदाधिकारी द्वारा बिचौलियों के माध्यम से सुविधा उपलब्ध कराने में घोर अनियमितता देखी जा रही है.