चमकी के प्रति जागरूकता में आशा और सेविका सहायिका की अहम भूमिका: जिलाधिकारी

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Sunday, May 17, 2020

17 May / by ujala dastak news

चमकी के प्रति जागरूकता में आशा और सेविका सहायिका की अहम भूमिका: जिलाधिकारी
– महादलित टोलों पर विशेष ध्यान देने का आदेश
– कुपोषित बच्चों में पोषण के लिए सप्लीमेंट देने पर विमर्श।   रिपोर्ट: कौशल किशोर सिंह.

मुजफ्फरपुर। 17 मई
एईएस/चमकी बुखार की रोकथाम एवं उस पर प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर  चलाए जा रहे अभियान अडॉप्ट ए विलेज इनीशिएटिव के अंतर्गत शनिवार को जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर डॉ. चंद्रशेखर सिंह पानापुर हवेली  में ‘पंचायत स्तरीय समन्वय समिति’ के साथ एक बैठक की एवं  विगत सप्ताह किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा भी की l उन्होंने आंगनवाड़ी सेविकाओं द्वारा कमजोर एवं कुपोषित बच्चों की सूची के संबंध में बच्चों को सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन प्रदान करने हेतु विमर्श किया। उन्होंने  सेविका सहायिका एवं आशा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस बीमारी की रोकथाम  एवं इस पर प्रभावी नियंत्रण में  आप की अहम भूमिका है। उन्होंने  निर्देश दिया कि पंचायत स्तरीय  समन्वय समिति एवं ग्राम स्तर पर बनाए गए टीम  सघन अभियान  चलाएं। उपस्थित सेविका  एवं आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि दैनिक रूप से  डोर टू डोर भ्रमण का कार्य  करना सुनिश्चित करें।  विशेषकर  महादलित  टोलो  से संबंधित  कमजोर एवं बीमार  बच्चों पर निगाह रखें। साथ ही अभिभावकों को हर स्तर पर जागरूक करें। जिलाधिकारी ने इस मौके पर अपील भी किया कि बच्चों को धूप में खेलने ना दें। उन्हें खाली पेट ना रखें ।खाना खिलाएं एवं यदि बच्चों में बीमारी के लक्षण परिलक्षित होते हैं तो तत्काल बिना समय नष्ट किए हुए  सेविका /आशा से संपर्क करते हुए बच्चे को निकट के सरकारी अस्पताल में जरूर ले जाएं ।जिलाधिकारी ने प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया कि अपने- अपने प्रखंडों में ईएएस /चमकी बुखार को लेकर किए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों का सतत अनुश्रवण करना सुनिश्चित करें ।
385 पंचायतों में फैली जागरूकता
   अडॉप्ट ए विलेज इनीशिएटिव के तहत  जिले के सभी 385 पंचायतों में 385पदाधिकारियों / कर्मियों के द्वारा गोद लिए हुए अपने- अपने पंचायतों में एईएस/चमकी बुखार को लेकर जागरूकता कार्यक्रमों में हिस्सा लिया लिया गया। पंचायत स्तरीय समन्वय समिति के साथ बैठक करते हुए आशा ,सेविका, सहायिका, एएनएम आदि को डोर टू डोर प्रचार -प्रसार करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। इसके साथ हैंड बिल का वितरण भी किया गया। गांव स्तर पर बनाई गई टीमों एवं टैग किए गए वाहनों के प्रतिनिधियों  के साथ भी बैठक की गई एवं उन्हें महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।