भगवान बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले, कोरोना संकट के चलते नहीं पहुंच रहे श्रद्धालु

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बदरीनाथ: पूरे देश में कोरोना वायरस (Coronavirus in India) की वजह से लॉकडाउन (Lockdown) का तीसरा चरण चल रहा है। उधर, उत्तराखंड में शुक्रवार को सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर बदरीनाथ मंदिर (badrinath temple) के कपाट खोल दिए गए। कपाट खोले जाने के दौरान मुख्य पुजारी समेत 28 लोग वहां मौजूद थे। मंदिर को खोले जाने के मद्देनजर परिसर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है।
शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में बदरीनाथ धाम के कपाट खोल दिए गए। शुक्रवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर के कपाट खोलने के बाद सुबह 4.30 बजे बदरीनाथ भगवान का अभिषेक किया गया। बुधवार को पुजारी जोशीमठ नरसिंह मंदिर में पूजा अर्चना के बाद आदिगुरु शंकराचार्य की गद्दी तथा गाडू घड़ा (तेल कलश) को साथ लेकर योगध्यान मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचे थे। इससे पहले जोशीमठ के नृसिंह मंदिर जोशीमठ में पूजा-अर्चना यज्ञ-हवन किया गया। गुरुवार की शाम उद्धव और कुबेर के विग्रहों के साथ मुख्य पुजारी रावल ईश्वरी प्रसाद नम्बूदरी समेत 31 चारधाम देवस्थानम बोर्ड के कारिंदे और हक हकूकधारी ग्रामीण बदरीनाथ धाम पहुंचे।

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लॉकडाउन के बीच खुले कपाट
लॉकडाउन और कोरोना महामारी के बीच बुधवार से भगवान बदरीनाथ के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। गुरुवार को सादगीपूर्ण ढंग से आदिगुरू शंकराचार्य की गद्दी समेत उद्धव और कुबेर के विग्रहों के साथ योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से बदरीनाथ धाम को रवाना हुई। लॉकडाउन के चलते इस बार रास्ते में लामबगड़ और हनुमान चट्टी में देव डोलियों ने विश्राम नहीं किया। इस बार इन स्थानों पर भंडारे भी आयोजित नहीं हुए। हालांकि, बदरीनाथ पहुंचकर भगवान बदरी विशाल के जन्मस्थान लीला ढूंगी में रावलों की तरफ से पूजा-अर्चना की गई।

20 मई को खुलेंगे तुंगनाथ जी के कपाट
इससे पहले 29 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खोले गए। श्री गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट 26 अप्रैल को खुल गए हैं जबकि द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट 11 मई को खुले। तृतीय केदार तुंगनाथ जी के कपाट 20 मई को खुलेंगे। चतुर्थ केदार रुद्रनाथ जी के कपाट 18 मई को खुलेंगे।
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