लॉक डाउन में पातेपुर में बिना दहेज लिए हुए लड़का और लड़की का शादी सादगी का बना मिसाल

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पातेपुर से रंजीत कुमार की रिपोर्ट
लॉक डाउन ने शादी पर फिजूलखर्ची पर भी रोक लगा दी है। शादी पर धूमधाम की चली आ रही परिपाटी के इतर कुछ सम्पन्न परिवारों द्वारा अत्यंत सादगी के साथ कि गई शादी लोगों के लिए मिसाल बन रही है। रिश्ता तय होने के बाद एक युवक-यवती न अत्यंत सादगी के साथ दहेज रहित शादी कर और युवक-यवतियों के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है।
दरोगा की खींची लकीर बन रही है लीक
समाज में शादी के नाम पर फिजूलखर्ची की परिपाटी के इतर पातेपुर के सैदपुर डुमरा निवासी व रिटायर दरोगा लेखा राय द्वारा खींची गई लकीर नई राह बन रही है। दरोगा ने इसी सप्ताह में सादगी के साथ अपनी बच्ची की शादी की थी। यह खबर सुर्खियां बनी थी। बतातें चलें कि मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड के बखरी निवासी राम इकबाल राय के पुत्र इंजीनियर अभिनंदन की शादी इसी सैदपुर डुमरा गांव निवासी राम सकल राय की सुपुत्री अंबिका कुमारी के साथ छह-सात माह पूर्व तय हुई थी। लॉक डाउन के वजह से लड़के के परिवार वालों ने अगले सीजन तक के लिए शादी टाल दी थी। इंजीनियर अभिनन्दन दरोगा की पुत्री की हुई शादी से प्रेरित होकर सादगी के साथ दहेज रहित शादी करने का संकल्प लिया। रविवार को अपने परिवार के पांच लोगों को लेकर शादी करने आए। दुल्हन अंबिका के बड़े भाई पवन ने बताया कि शादी के मौके पर पंडित परिवार की महिलाएं व गिने-चुने ही लोग उपस्थित रहेंगे। अपनी शादी के मौके पर दुल्हन बनी अम्बिका, लड़का अभिनन्दन ने कहा कि भले अभी लॉक डाउन हो पर सामान्य दिनों में भी आज के पढ़े-लिखे युवक-युवतियों को आडंम्बरयुक्त शादी की परिपाटी का विरोध करने आगे आना चाहिए। इस मौके पर पातेपुर प्रमुख कालिंदी देवी, प्रमुख प्रतिनिधि पंकज कुमार चिंकू, रिटायर दारोगा लेखा राय, पूर्व मुखिया राम नरेश राय, पूर्व मुखिया वशिष्ठ राय ने लोगों से बदलाव के बयार को लोगों से स्वीकार करने की अपील की। उन्होंने वर-वधु को सुखी व लंबे दाम्पत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।